सेंधवा ऐतिहासिक किले के संरक्षण को लेकर संयुक्त निरीक्षण, विकास और सौंदर्यीकरण की संभावनाओं पर चर्चा
प्राचीन दीवारों, बुर्ज, तालाब और ऐतिहासिक संरचनाओं का किया गया बारीकी से मुआयना।

जनोदय पंच। सेंधवा के ऐतिहासिक किले के संरक्षण और विकास को लेकर संभागीय पुरातत्व विभाग की टीम ने संयुक्त निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान किले की प्राचीन संरचनाओं, दीवारों और ऐतिहासिक धरोहरों का अवलोकन कर विकास एवं सौंदर्यीकरण की संभावनाओं पर चर्चा की गई।
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अधीन सेंधवा किले का निरीक्षण संभागीय पुरातत्व विभाग के उपसंचालक के.एल. डाबी, तहसीलदार राहुल सोलंकी एवं नगर पालिका सीएमओ मधु चौधरी ने किया। टीम ने किले की प्राचीन दीवारों, मुख्य द्वार, बुर्ज, तालाब, मूर्तियों और ऐतिहासिक तोपों का मुआयना किया।

रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी
उपसंचालक के.एल. डाबी ने बताया कि निरीक्षण कलेक्टर जयति सिंह के निर्देश पर किया गया है। निरीक्षण के फोटो एवं वीडियो तैयार कर विस्तृत रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी। संरक्षण नियमों के अनुसार विकास कार्यों पर आगे चर्चा की जाएगी।
इतिहासकारों के अनुसार सेंधवा का किला मराठा काल की स्थापत्य कला और सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण उदाहरण है। समय के साथ किले के कई हिस्से जर्जर हो चुके हैं। प्रशासन और पुरातत्व विभाग की सक्रियता से क्षेत्रवासियों में किले के संरक्षण को लेकर उम्मीद बढ़ी है।




