सेंधवा में गणेशोत्सव की तैयारियां जोर पर, दिनेशगंज में बन रहा भव्य पंडाल, भक्तों ने अभी से प्रतिमाएं कराईं बुक
मंडी शेड में विभिन्न स्वरूपों और लीलाओं वाली गणेश प्रतिमाओं की दुकानें सजीं, बच्चों से लेकर बड़ों तक में दिख रहा उत्साह

जनोदय पंच। सेंधवा में गणेश चतुर्थी को लेकर तैयारियां जोर पकड़ने लगी हैं। 14 सितंबर को घर-घर गणेश प्रतिमाओं की स्थापना होगी। मंडी शेड में मिट्टी की आकर्षक प्रतिमाओं की दुकानें सज गई हैं। नगर के विभिन्न क्षेत्रों में पंडाल तैयार हो रहे हैं और भक्तों में उत्साह दिखाई दे रहा है।
नगर के दिनेशगंज क्षेत्र में गणेशोत्सव को लेकर भव्य गणेश पंडाल तैयार किया जा रहा है। हर वर्ष गणेशोत्सव पर दिनेशगंज में बनने वाला पंडाल शहर सहित पूरे निमाड़ के श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। यहां गणेशोत्सव के दौरान दिल्ली और मथुरा के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत की जाने वाली रास लीला, झांकियां और विद्युत सज्जा श्रद्धालुओं का मन मोहती है।

दिनेश गंज एकता संगठन दारुगोदाम द्वारा विराट वृंदावन के प्रसिद्ध प्रेम मंदिर की आकृति का विशाल पंडाल बनाया जा रहा है। इसमें गणेशजी की प्रतिमा की स्थापना कर प्रतिदिन पूजार्चना और आकर्षक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। नगर के कई स्थानों पर आकर्षक झांकियां और सजावट करने की तैयारियां भी चल रही हैं।

मंडी शेड में सजी आकर्षक गणेश प्रतिमाएं
गणेश चतुर्थी के पावन पर्व को लेकर नगर में तैयारियां शुरू हो गई हैं। आगामी 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी के अवसर पर घर-घर भगवान श्री गणेश की प्रतिमा विराजित कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाएगी। गणेश उत्सव को लेकर जहां नगर के विभिन्न क्षेत्रों में पंडाल सजाने की तैयारियां शुरू हो गई हैं, वहीं किले अंदर स्थित मंडी प्रांगण में गणेश प्रतिमाओं की दुकानें भी सजने लगी हैं।

छोटी से लेकर बड़ी और विभिन्न आकर्षक स्वरूपों में तैयार की गई गणेश प्रतिमाएं भक्तों का ध्यान आकर्षित कर रही हैं। मूर्ति विक्रेताओं द्वारा प्रतिमाओं को आकर्षक और मनमोहक स्वरूप देने के लिए विशेष रूप से सजावट की गई है। विभिन्न प्रकार की पोशाक, सुंदर मुकुट, कपड़े के साफे तथा आकर्षक श्रृंगार से सुसज्जित प्रतिमाएं देखते ही बन रही हैं। भगवान गणेश के अलग-अलग स्वरूपों के साथ उनकी विभिन्न लीलाओं और आकृतियों को भी प्रतिमाओं में दर्शाया गया है।
मिट्टी की प्रतिमाओं को लेकर बढ़ रहा रुझान
इस वर्ष भी पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए मिट्टी से निर्मित गणेश प्रतिमाओं की स्थापना को लेकर लोगों में विशेष उत्साह दिखाई दे रहा है। विभिन्न सामाजिक संगठनों और नागरिकों द्वारा भी मिट्टी के गणेशजी की प्रतिमा स्थापित करने के लिए लोगों को प्रेरित किया जा रहा है। इसके चलते मिट्टी से बनी प्रतिमाओं की मांग बढ़ने की उम्मीद है।
मूर्ति विक्रेताओं ने बताया कि गणेश चतुर्थी नजदीक आते ही प्रतिमाओं की खरीदारी के लिए भक्तों का आना शुरू हो गया है। कई लोग अपनी पसंद की प्रतिमा का चयन कर उसे अपने नाम से पहले ही आरक्षित (बुक) करा रहे हैं, ताकि पर्व के दिन उन्हें मनपसंद प्रतिमा आसानी से मिल सके।
बच्चों में भी विशेष उत्साह
गणेश प्रतिमाओं की दुकानों पर बच्चों की भीड़ विशेष रूप से नजर आ रही है। विभिन्न आकार और आकर्षक स्वरूप में बनी गणेश प्रतिमाओं को देखने के लिए बच्चे अपने परिजनों के साथ मंडी शेड पहुंच रहे हैं। भगवान गणेश के बाल स्वरूप, राजसी वेशभूषा तथा अलग-अलग लीलाओं पर आधारित प्रतिमाएं बच्चों को विशेष रूप से पसंद आ रही हैं।
गणेश उत्सव को लेकर नगर में उत्साह
भाजपा प्रवक्ता सुनील अग्रवाल ने बताया कि गणेश चतुर्थी हिंदू समाज के प्रमुख धार्मिक पर्वों में से एक है। मान्यता है कि भगवान श्री गणेश विघ्नों का नाश कर सुख, समृद्धि और शुभता प्रदान करते हैं। यही कारण है कि इस पर्व पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपने घरों में गणेशजी की स्थापना कर कई दिनों तक पूजा-अर्चना और धार्मिक आयोजन करते हैं।
गणेश उत्सव को लेकर इस बार भी नगर में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए मिट्टी से निर्मित गणेश प्रतिमाओं की स्थापना हेतु श्रद्धालुओं को प्रेरित किया जा रहा है। मंडी शेड में सजी रंग-बिरंगी गणेश प्रतिमाओं की दुकानें और खरीदारी के लिए पहुंच रहे श्रद्धालु गणपति उत्सव को लेकर नगर में बढ़ते उत्साह को दर्शा रहे हैं।
