सेंधवा में शिव स्मरण से पाप नष्ट और परम शांति की प्राप्ति, शिव पुराण कथा के छठे दिन उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
महाराष्ट्रीयन महिला मंडल की कथा में विधि-विधान से हुआ शिव पुराण का पूजन, श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से सुनी कथा

जनोदय पंच। सेंधवा के महाराष्ट्र मंदिर परिसर में आयोजित शिव पुराण कथा के छठे दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। कथा में भगवान शिव की भक्ति, सदाचार, सात्विक जीवनशैली और धार्मिक अनुष्ठानों के महत्व पर विचार रखे गए। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से शिव पुराण का पूजन कर कथा श्रवण किया।
शिव स्मरण से परम शांति का मार्ग
महाराष्ट्रीयन महिला मंडल द्वारा आयोजित शिव पुराण कथा के छठे दिन कथा वाचक पंडित सुमित शर्मा ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि शिव पुराण केवल धार्मिक कथाओं का संग्रह नहीं है, बल्कि यह मनुष्य को ज्ञान, वैराग्य, भक्ति, सदाचार और मोक्ष का मार्ग दिखाने वाला पवित्र ग्रंथ है। भगवान शिव की सच्ची भक्ति, शिव स्मरण और उनके बताए सदाचार के मार्ग पर चलने से मनुष्य के पाप नष्ट होते हैं तथा जीवन में शांति और सद्गति की प्राप्ति होती है। अंततः भक्त को परम शांति एवं शिवलोक की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है।

पंडित सुमित शर्मा ने कहा कि शिव पुराण हिन्दू धर्म के प्रमुख एवं पवित्र महापुराणों में से एक है। इसमें भगवान शिव की महिमा, उनके विभिन्न स्वरूपों, लीलाओं, उपासना तथा पूजा-पद्धति का विस्तार से वर्णन मिलता है। शिव पुराण का श्रवण एवं मनन मनुष्य के जीवन को आध्यात्मिक दिशा प्रदान करता है और उसे सत्य, संयम, सदाचार तथा भक्ति के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।

पाठ से पहले पूजन और संकल्प का महत्व
उन्होंने कहा कि शिव पुराण का पाठ अथवा श्रवण करने से पूर्व व्यक्ति को स्नान कर स्वच्छ एवं धुले हुए वस्त्र धारण करने चाहिए। पाठ की शुरुआत किसी शुभ दिन, शुभ मुहूर्त अथवा विशेष रूप से सावन माह में करना अत्यंत शुभ माना गया है। कथा या पाठ के प्रारंभ में भगवान गणेश एवं भगवान शिव का विधि-विधान से पूजन कर संकल्प लेना चाहिए। इससे मन में एकाग्रता और श्रद्धा का भाव उत्पन्न होता है।
सात्विक जीवनशैली अपनाने की सीख
पंडित शर्मा ने श्रद्धालुओं को कथा के दौरान सात्विक जीवनशैली अपनाने की सीख देते हुए कहा कि शिव पुराण के पाठ के समय भोजन में भी शुद्धता और सात्विकता का विशेष ध्यान रखना चाहिए। प्याज, लहसुन, तामसिक भोजन, मांस, मदिरा तथा मसूर की दाल आदि का सेवन नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि धार्मिक अनुष्ठान का वास्तविक उद्देश्य केवल कथा सुनना नहीं, बल्कि कथा में बताए गए संस्कारों और जीवन मूल्यों को अपने आचरण में उतारना है।
विधि-विधान से किया शिव पुराण का पूजन
कथा प्रारंभ होने से पूर्व अतिथियों एवं समाजजनों द्वारा विधि-विधान से शिव पुराण का पूजन किया गया। पूर्व नपा अध्यक्ष अरुण चौधरी, भाजपा प्रवक्ता सुनील अग्रवाल, अग्रवाल समाज अध्यक्ष राजेंद्र नरेडी, कैलाश एरन, दीपक गर्ग, राजकुमार मंगल, युगल गर्ग, महिला मंडल अध्यक्ष सपना गोयल, मीना चौमूवाला, रानी मंगल, किरण गोयल, लक्ष्मीकांत कुलकर्णी एवं अनुराधा कुलकर्णी सहित अन्य श्रद्धालुओं ने शिव पुराण का पूजन कर कथा वाचक पंडित सुमित शर्मा का स्वागत किया।
इसके पूर्व नपा एल्डरमैन अनिल वाघ ने सपत्नीक शिव पुराण का पूजन कर भगवान शिव की आरती की। आरती के दौरान श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से भगवान शिव का स्मरण किया और पूरा वातावरण धार्मिक एवं आध्यात्मिक भाव से भर गया।
कथा के दौरान पंडित सुमित शर्मा द्वारा भगवान शिव की महिमा, शिव भक्ति तथा धार्मिक जीवन के महत्व को सरल एवं प्रभावी ढंग से समझाया गया। कथा के दौरान श्रद्धालु भक्ति में लीन नजर आए। महाराष्ट्र मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और उन्होंने श्रद्धापूर्वक शिव पुराण कथा का श्रवण किया।

