जिला बदर नोटिस के विरोध में धरने पर बैठे राहुल सोलंकी, पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
जिला बदर नोटिस में दर्ज कुछ मामलों को अपने नाम से नहीं होने का दावा, थाना प्रभारी ओपी चौंगडे बोले- पुलिस ने की वैधानिक कार्रवाई

जनोदय पंच। सेंधवा ग्रामीण थाने के सामने बुधवार रात जिला बदर नोटिस के विरोध में धरना दिया गया। इस दौरान पुलिस और प्रशासन पर गलत कार्रवाई के आरोप लगाए गए और RTI दस्तावेजों का हवाला देकर नोटिस में दर्ज मामलों पर सवाल उठाए गए।
जिला बदर नोटिस के विरोध में धरने पर बैठे
सेंधवा ग्रामीण थाने के सामने बुधवार रात आदिवासी समाज से जुड़े राहुल सोलंकी जिला बदर नोटिस के विरोध में धरने पर बैठ गए। उन्होंने पुलिस और प्रशासन पर गलत कार्रवाई करने का आरोप लगाया। राहुल सोलंकी ने नोटिस में दर्ज कुछ मामलों को अपने नाम से नहीं होने का दावा किया।

RTI दस्तावेजों का हवाला देकर उठाए सवाल
राहुल सोलंकी ने कहा कि उन्होंने RTI से कुछ दस्तावेज हासिल किए हैं। उनके मुताबिक जिला बदर नोटिस में जिन मामलों का जिक्र किया गया है, उनमें कुछ मामले उनके नाम पर नहीं हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि कुछ पुराने मामलों में अब तक चालान पेश नहीं हुए हैं। इन्हीं बिंदुओं के आधार पर उन्होंने प्रस्तावित कार्रवाई पर सवाल उठाए।
सामाजिक कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई का आरोप
राहुल सोलंकी ने कहा कि आदिवासी समाज की बेटियों और बच्चियों के हक की आवाज उठाने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं के खिलाफ मामले दर्ज किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर समाज की बेटियों के लिए आवाज उठाना गुनाह है तो वे ऐसा करते रहेंगे। उन्होंने खुद को टंट्या मामा और भगवान बिरसा मुंडा का वंशज बताते हुए कहा कि वे डरेंगे या झुकेंगे नहीं।

अवैध गतिविधियों पर कार्रवाई की मांग
राहुल सोलंकी ने बड़वानी पुलिस-प्रशासन पर अवैध शराब, गांजा और मवेशी तस्करी के खिलाफ पर्याप्त कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सामाजिक कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई के बजाय इन मामलों में भी कार्रवाई होनी चाहिए।
थाना प्रभारी ने कही वैधानिक कार्रवाई की बात
थाना प्रभारी ओपी चौंगडे ने राहुल सोलंकी के आरोपों और जिला बदर नोटिस को लेकर कहा कि पुलिस ने वैधानिक कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि राहुल को किसी तरह की आशंका है तो वे कोर्ट से जांच करा सकते हैं। मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई है और राहुल को समझाया गया है।



