बड़वानी में उद्यमिता और कौशल विकास से युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के नए रास्ते, स्वरोजगार पर दिया जोर
शासकीय आदर्श महाविद्यालय में सेवा संकल्प अभियान 2026 के तहत विद्यार्थियों को करियर चयन, निजी क्षेत्र और शासकीय सेवाओं के अवसरों की दी जानकारी

जनोदय पंच। बड़वानी के शासकीय आदर्श महाविद्यालय में सेवा संकल्प अभियान 2026 के अंतर्गत विद्यार्थियों को उद्यमिता, कौशल विकास, स्वरोजगार और रोजगार के विभिन्न अवसरों की जानकारी दी गई। मार्गदर्शन कार्यक्रम में करियर चयन, व्यावहारिक ज्ञान, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और आत्मनिर्भर बनने के उपायों पर जोर दिया गया।
शासकीय आदर्श महाविद्यालय बड़वानी में स्वामी विवेकानंद करियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ के माध्यम से आयोजित कार्यक्रम में प्राचार्य डॉ. प्रमोद पंडित सहित विषय विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को विभिन्न क्षेत्रों में करियर निर्माण के संबंध में मार्गदर्शन दिया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को रोजगार के बदलते स्वरूप से परिचित कराना, करियर चयन के प्रति जागरूक करना और आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित करना था।
प्राचार्य डॉ. प्रमोद पंडित ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में करियर निर्माण के लिए केवल पारंपरिक रोजगार विकल्पों पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थियों को अपनी रुचि, योग्यता और क्षमता के अनुरूप विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध अवसरों की पहचान करनी चाहिए। उन्होंने शिक्षा के साथ व्यावहारिक ज्ञान, सकारात्मक दृष्टिकोण, अनुशासन और निरंतर सीखने की प्रवृत्ति विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को स्वरोजगार एवं उद्यमिता के माध्यम से आत्मनिर्भर बनने तथा समाज और देश के विकास में योगदान देने के लिए प्रेरित किया।
उद्यमिता और कौशल विकास से रोजगार की संभावनाएं:
डॉ. दिनेश पाटीदार ने उद्यमिता एवं कौशल विकास के क्षेत्र में करियर की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि तकनीकी ज्ञान, व्यावसायिक दक्षता और नवाचार युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित कर रहे हैं। विद्यार्थी अपनी रुचि के अनुसार विभिन्न कौशलों का प्रशिक्षण प्राप्त कर स्वयं का व्यवसाय शुरू कर सकते हैं।
उन्होंने उद्यमशीलता के विकास के लिए आत्मविश्वास, रचनात्मक सोच, जोखिम उठाने की क्षमता और उपलब्ध संसाधनों के उचित उपयोग को महत्वपूर्ण बताया। साथ ही विद्यार्थियों को अपने कौशल की पहचान कर उसे रोजगारोन्मुख बनाने की सलाह दी।
शासकीय सेवाओं और स्वरोजगार के विकल्पों की जानकारी:
डॉ. डी.आर. मुजाल्दा ने स्वरोजगार, निजी क्षेत्र में रोजगार और शासकीय सेवाओं में उपलब्ध अवसरों के संबंध में मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य का निर्धारण कर उसी के अनुरूप तैयारी करनी चाहिए। शासकीय सेवाओं में प्रवेश के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, विषय संबंधी ज्ञान, सामान्य अध्ययन और नियमित अभ्यास आवश्यक हैं।
उन्होंने बताया कि स्वरोजगार के माध्यम से भी युवा अपनी योग्यता और कौशल के आधार पर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को उपलब्ध अवसरों का अध्ययन करने, समय का सदुपयोग करने और अपने भविष्य की योजना बनाने के लिए प्रेरित किया।

कौशल विकास और आत्मनिर्भरता का संदेश:
कार्यक्रम में विद्यार्थियों को संदेश दिया गया कि बदलते आर्थिक एवं सामाजिक परिवेश में कौशल विकास, उद्यमिता और स्वरोजगार युवाओं के लिए महत्वपूर्ण विकल्प हैं। उचित मार्गदर्शन, निरंतर प्रयास और व्यावहारिक अनुभव के माध्यम से युवा अपने लिए रोजगार के अवसर विकसित कर सकते हैं।
कार्यक्रम का संयोजन स्वामी विवेकानंद करियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ के नोडल अधिकारी डॉ. अनिल पाटीदार एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी प्रो. राजाराम मुवेल ने किया। कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को करियर चयन, कौशल विकास और आत्मनिर्भरता के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया गया।




