बड़वानी में पीएम उषा योजना से छात्राओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण, इंग्लिश स्पीकिंग और फूड टूरिज्म के गुर सीख रहीं युवतियां
शासकीय आदर्श महाविद्यालय में 12 दिवसीय कार्यक्रम जारी, अंग्रेजी संवाद, व्यक्तित्व विकास और स्ट्रीट फूड बनाने का दिया जा रहा व्यावहारिक प्रशिक्षण

जनोदय पंच। बड़वानी के शासकीय आदर्श महाविद्यालय में पीएम उषा योजना के तहत छात्राओं को रोजगारोन्मुखी बनाने के लिए 12 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इसमें अंग्रेजी बोलने, व्यक्तित्व विकास और फूड एंड बेवरेज टूरिज्म का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि छात्राएं रोजगार और स्वरोजगार के अवसरों के लिए तैयार हो सकें।
शासकीय आदर्श महाविद्यालय, बड़वानी में प्रधानमंत्री उच्चतर शिक्षा अभियान (PM-USHA) के सॉफ्ट कंपोनेंट-5 के अंतर्गत छात्राओं के लिए यह प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रमोद पंडित के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं में व्यावहारिक कौशल विकसित करना, आत्मविश्वास बढ़ाना और उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ना है।
प्रशिक्षण में छात्राओं को विषयों के अनुरूप व्यावहारिक जानकारी दी जा रही है। इसके लिए विषय विशेषज्ञ प्रतिदिन दो घंटे मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं।
फूड टूरिज्म के तहत स्ट्रीट फूड बनाना सीख रहीं छात्राएं
फूड एंड बेवरेज टूरिज्म के अंतर्गत छात्राओं को विभिन्न प्रकार के स्ट्रीट फूड तैयार करने की विधियां सिखाई जा रही हैं। प्रशिक्षण के दौरान वे खाद्य सामग्री तैयार करने, व्यंजन बनाने और इस क्षेत्र में स्वरोजगार की संभावनाओं को समझ रही हैं।
सेडमैप के जिला समन्वयक अरविंद चौहान ने बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम में गुणवत्ता और कौशल आधारित प्रशिक्षण को प्राथमिकता दी जा रही है। फूड एंड बेवरेज टूरिज्म के लिए विषय विशेषज्ञ निर्मला सोनी एवं पूर्णिमा नांदल छात्राओं को प्रशिक्षण दे रही हैं।
अंग्रेजी संवाद और व्यक्तित्व विकास का प्रशिक्षण
इंग्लिश स्पीकिंग एंड पर्सनैलिटी डेवलपमेंट के अंतर्गत छात्राओं को अंग्रेजी बोलने की बुनियादी जानकारी, संवाद कौशल और आत्मविश्वास के साथ अपनी बात रखने का अभ्यास कराया जा रहा है। छोटे-छोटे अभ्यासों के माध्यम से अंग्रेजी बोलने की झिझक दूर करने और प्रभावी संप्रेषण कौशल विकसित करने पर ध्यान दिया जा रहा है।
इस विषय में अखिलेश राठौड़ विशेषज्ञ के रूप में मार्गदर्शन दे रहे हैं। प्रशिक्षण के माध्यम से छात्राओं के व्यक्तित्व में सकारात्मक सुधार लाने और उन्हें संवाद के प्रति सहज बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

दो समूहों में प्रशिक्षण, प्राध्यापक भी कर रहे सहयोग
प्रशिक्षण कार्यक्रम के संयोजक डॉ. अनिल पाटीदार ने बताया कि सेडमैप के माध्यम से अग्रणी महाविद्यालय नोडल के रूप में इस प्रशिक्षण का आयोजन करवा रहा है। प्रशिक्षण को व्यवस्थित बनाने के लिए विद्यार्थियों के दो समूह तैयार किए गए हैं, ताकि उन्हें विषयानुसार प्रशिक्षण दिया जा सके।
विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति और आवश्यक शैक्षणिक सहयोग सुनिश्चित करने के लिए डॉ. रितेश भावसार के समन्वय से महाविद्यालय के प्राध्यापक भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। इंग्लिश स्पीकिंग एवं पर्सनैलिटी डेवलपमेंट में डॉ. डी.आर. मुजाल्दा और डॉ. प्रिया बघेल, जबकि फूड एंड बेवरेज टूरिज्म में डॉ. सुनीता सोलंकी और डॉ. अंतिमबाला जायसवाल छात्राओं को आवश्यक सहयोग प्रदान कर रहे हैं।
यह प्रशिक्षण छात्राओं को पारंपरिक शिक्षा के साथ व्यावहारिक कौशल से जोड़ने की पहल है। इससे उन्हें अपनी प्रतिभा पहचानने, आत्मनिर्भर बनने और भविष्य में स्वयं का व्यवसाय शुरू करने के लिए आवश्यक कौशल विकसित करने में सहायता मिलेगी।




