सेंधवा में कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन, मुख्यमंत्री की टिप्पणी पर माफी की मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन
राज्यपाल के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर कांग्रेस ने मुख्यमंत्री से माफी और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के पालन की मांग की।

जनोदय पंच। सेंधवा में ब्लॉक शहर कांग्रेस कमेटी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की जीतू पटवारी पर की गई टिप्पणी के विरोध में तहसीलदार को राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस ने टिप्पणी को पद की गरिमा के विपरीत बताते हुए माफी, जांच और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के पालन की मांग की।
मुख्यमंत्री की टिप्पणी के विरोध में ज्ञापन
सेंधवा में ब्लॉक शहर कांग्रेस कमेटी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के खिलाफ की गई टिप्पणी का विरोध किया। मंगलवार दोपहर 12:30 बजे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मुख्यमंत्री से माफी मांगने की मांग की गई। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा इस्तेमाल की गई भाषा उनके पद की गरिमा के अनुरूप नहीं है। उनका आरोप है कि इस टिप्पणी से किसानों सहित आम लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं। ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि जीतू पटवारी किसान परिवार से आते हैं और उनके खिलाफ की गई टिप्पणी से कृषक वर्ग में भी असंतोष है।
लोकतांत्रिक मर्यादाओं के पालन की मांग
कांग्रेस ने मुख्यमंत्री पर संविधान की शपथ के अनुरूप आचरण नहीं करने तथा लोकतांत्रिक व्यवस्था में विपक्ष की भूमिका का सम्मान नहीं करने का आरोप लगाया। ज्ञापन में मुख्यमंत्री की टिप्पणी की निंदा करते हुए मामले की जांच कराने और उन्हें लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पालन करने की हिदायत देने की मांग की गई। साथ ही भविष्य में किसी भी जनप्रतिनिधि या राजनीतिक व्यक्ति के खिलाफ अमर्यादित भाषा के प्रयोग से बचने के निर्देश जारी करने की मांग भी रखी गई। ब्लॉक अध्यक्ष राजेंद्र गाडवे ने बताया कि कांग्रेस लोकतांत्रिक मूल्यों में विश्वास रखती है और जीतू पटवारी ने कार्यकर्ताओं से शांतिपूर्ण एवं मर्यादित तरीके से अपनी बात शासन-प्रशासन तक पहुंचाने का आग्रह किया है।
विवाद की पृष्ठभूमि और उपस्थिति
ज्ञापन कार्यक्रम के दौरान किसान कांग्रेस जिला अध्यक्ष सिलदार सोलंकी, प्रशांत सेन, प्रिंस शर्मा, इकबाल शाह, उषा सैनी, विमल सोलंकी, कमल चौहान और प्रताप सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इस विवाद की शुरुआत सतना में आयोजित एक युवा संवाद कार्यक्रम से हुई थी। वहां जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री को “मोहन लाल अभिनंदन यादव” कहकर संबोधित किया था। इसके जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा था, “हां, हम तो अभिनंदन लाल हैं, तुम टपोरी लाल हो।”



