सेंधवा में शांति समिति का बड़ा फैसला, आगामी त्योहारों और आयोजनों में तेज आवाज वाले डीजे पर रहेगी रोक
सर्वसमाज की सहमति से निर्णय, डीजे के लिए अनुमति और निर्धारित डेसिबल सीमा जरूरी; जुलूस-रैली की वीडियोग्राफी भी अनिवार्य

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रमन बोरखड़े। जनोदय पंच। आगामी त्योहारों और आयोजनों को शांतिपूर्ण, सौहार्दपूर्ण एवं गरिमामय माहौल में संपन्न कराने के लिए शांति समिति की बैठक हुई। इसमें सर्वसमाज की सहमति से तेज आवाज में डीजे पर रोक, अनुमति की अनिवार्यता और प्रशासनिक निर्देशों के पालन का निर्णय लिया गया।
पुलिस थाना परिसर में हुई शांति समिति की बैठक
आगामी त्योहारों को शांतिपूर्वक, सौहार्दपूर्ण एवं गरिमामय माहौल में संपन्न कराने के उद्देश्य से पुलिस थाना सेंधवा शहर परिसर में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। पुलिस अधीक्षक बड़वानी श्री पद्मविलोचन शुक्ल के निर्देशन में हुई बैठक में शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने, जिला प्रशासन के निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराने और त्योहारों के दौरान डीजे के अत्यधिक शोर को नियंत्रित करने पर चर्चा हुई।

बैठक की संयुक्त अध्यक्षता एसडीओपी सेंधवा श्री अजय बाघमारे, तहसीलदार श्री हितेंद्र भावसार, थाना प्रभारी सेंधवा शहर श्री दिनेश सिंह कुशवाह एवं थाना प्रभारी सेंधवा ग्रामीण श्री ओपी चौंगड़े ने की। कार्यपालिक मजिस्ट्रेट, एमपीईबी (विद्युत विभाग), नगरपालिका/नगर निगम एवं लोक निर्माण विभाग (PWD) के प्रशासनिक अधिकारियों सहित शहर के विभिन्न समाजों के गणमान्य नागरिक, जनप्रतिनिधि और प्रबुद्धजन मौजूद रहे।

सर्वसमाज की सहमति से तेज आवाज वाले डीजे पर रोक
बैठक में शहर के गणमान्य नागरिकों, जनप्रतिनिधियों एवं सर्वसमाज के प्रबुद्धजनों ने एकमत होकर निर्णय लिया कि सेंधवा में किसी भी कार्यक्रम, जुलूस, रैली या त्योहार में तेज आवाज में डीजे बजाना प्रतिबंधित रहेगा और इसका कड़ाई से पालन कराया जाएगा।

डीजे और लाउडस्पीकर के लिए पूर्व अनुमति जरूरी
कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी, जिला बड़वानी द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 (BNSS) की धारा 163 के तहत प्रसारित आदेशों के संदर्भ में आवश्यक दिशा-निर्देशों की जानकारी दी गई। इसके तहत थाना क्षेत्र में किसी भी संगठन या व्यक्ति द्वारा धरना-प्रदर्शन, जुलूस, रैली, चल समारोह अथवा धार्मिक स्थलों और आयोजनों में ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग करने से पहले अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व/SDM) से लिखित अनुमति लेना अनिवार्य होगा। अनुमति की प्रति संबंधित थाने में जमा करानी होगी।
जिला दण्डाधिकारी बड़वानी के आदेशानुसार निर्धारित डेसिबल सीमा एवं मानकों के भीतर ही ध्वनि विस्तारक यंत्रों और संबोधन प्रणाली का उपयोग किया जा सकेगा।
आयोजकों की जिम्मेदारी और वीडियोग्राफी अनिवार्य
बैठक में बताया गया कि आयोजित संपूर्ण कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं हिंसारहित माहौल में संपन्न हो, इसका पूरा उत्तरदायित्व संबंधित आयोजनकर्ता संस्था या व्यक्ति का होगा। किसी भी संगठन या व्यक्ति द्वारा निकाले जाने वाले जुलूस, रैली, चल समारोह एवं धरना-प्रदर्शन की संपूर्ण वीडियोग्राफी एवं फोटोग्राफी अनिवार्य रूप से कराई जाएगी।
शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में किसी भी धर्म, जाति अथवा धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले आपत्तिजनक बैनर, पोस्टर या सामग्री का प्रदर्शन नहीं किया जाना सुनिश्चित किया जाएगा।
पुलिस-प्रशासन ने शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की
त्योहारों से पूर्व सार्वजनिक बैठकों में कार्यपालिक मजिस्ट्रेट, बिजली विभाग एवं नगरीय निकाय के अधिकारी उपस्थित रहकर आम जनता को बीएनएसएस (BNSS) की धारा 163 एवं प्रशासनिक आदेशों की विस्तृत जानकारी देंगे।
पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने सेंधवा के नागरिकों से शहर में शांति, आपसी भाईचारे और सौहार्दपूर्ण माहौल को प्राथमिकता देने की अपील की। अधिकारियों ने किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान नहीं देने तथा संदिग्ध गतिविधि अथवा असामाजिक तत्वों की सूचना तुरंत पुलिस-प्रशासन को देने की अपील की।
बैठक के अंत में थाना प्रभारी ने उपस्थित सभी अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों एवं सर्वसमाज के गणमान्य नागरिकों का आभार व्यक्त किया।



