सेंधवा के नेहरू स्कूल में गांधी-शास्त्री जयंती पर स्वच्छता अभियान, विद्यार्थियों ने दी देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति
विद्यार्थियों ने दोनों महान विभूतियों के जीवन से जुड़े प्रसंग बताए, सफाई की और स्वच्छता व अनुशासन को जीवन में अपनाने का संदेश दिया।

रमन बोरखड़े। जनोदय पंच। सेंधवा के नेहरू स्मृति हायर सेकेंडरी हिंदी एवं अंग्रेजी माध्यम स्कूल में गांधी एवं शास्त्री जयंती मनाई गई। विद्यार्थियों ने जीवन परिचय और देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति दी। कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों ने स्कूल परिसर में स्वच्छता अभियान चलाया।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने महात्मा गांधी एवं लाल बहादुर शास्त्री के जीवन परिचय से अवगत कराया। देशभक्ति गीतों पर वैष्णवी वर्मा, गरिमा चौहान, कंचन महाजन, नायरा भोईटे, परिधि खरते, यांसी सूर्यवंशी, विद्या वास्कले, राधिका डावर, सूरज ठाकुर, सादाब सदफ मंसूरी, राजवंश राठौर और मुजम्मिल खान ने प्रस्तुति दी।

विद्यार्थियों ने चलाया स्वच्छता अभियान
कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों ने स्कूल परिसर में सफाई अभियान चलाया। वहीं कक्षा 1 से 5 तक के विद्यार्थियों को स्वच्छ रहने और जंक फूड से होने वाले नुकसानों से संबंधित वीडियो स्मार्ट बोर्ड पर दिखाया गया।

गांधी और शास्त्री के विचारों की दी जानकारी
संस्था अध्यक्ष रविंद्र सिंह मंडलोई ने कहा कि महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री अपने मजबूत इरादों के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने कहा कि दोनों महान विभूतियों द्वारा दिखाए गए मार्ग आज भी प्रासंगिक हैं। संस्था प्राचार्य हेमंत खेड़े ने महात्मा गांधी के जीवन से जुड़े रोचक पहलुओं की जानकारी देते हुए उनके विचार ‘आप वह बदलाव बनिए जो आप दुनिया में देखना चाहते हैं।’ के बारे में बताया।
ईमानदारी और राष्ट्रसेवा को जीवन का आदर्श बताया
संस्था प्राचार्य राहुल मंडलोई ने कहा कि दोनों महान विभूतियों के जीवन से ईमानदारी, अनुशासन, सादगी और राष्ट्रसेवा को जीवन के आदर्श के रूप में अपनाने की सीख मिलती है। संस्था उप प्राचार्य देवेन्द्र कानूनगो ने लाल बहादुर शास्त्री के ‘जय जवान, जय किसान’ नारे के बारे में जानकारी दी।

पदाधिकारी और शिक्षक रहे मौजूद
कार्यक्रम का संचालन छात्रा अलवीरा सैय्यद ने किया। इस अवसर पर पूर्व अध्यक्ष पीरचंद मित्तल, बीएल जैन, दिलीप कानूनगो, उपाध्यक्ष शैलेष कुमार जोशी, कोषाध्यक्ष दीपक लालका, सह सचिव मनोज कानूनगो तथा समस्त सदस्य और शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।



