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सेंधवा में भागवत कथा के दूसरे दिन गुरु महिमा का संदेश, मोक्ष और सत्कर्म पर हुआ विशेष प्रवचन

सेंधवा की तिरुपति कॉलोनी में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, रविवार को धूमधाम से होगा कृष्ण जन्मोत्सव

जनोदय पंच। सेंधवा की तिरुपति कॉलोनी में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन स्वामी श्रीआनंदजीवनदासजी ने भागवत श्रवण और मोक्ष का महत्व बताया। कथावाचक स्वामी प्रेमानंदनदास जी ने गुरु महिमा, श्रद्धा, विश्वास और सत्कर्म पर प्रवचन दिए। रविवार को कृष्ण जन्मोत्सव मनाया जाएगा।

सेंधवा की तिरुपति कॉलोनी में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन कथावाचक स्वामी प्रेमानंदनदास जी के गुरुजी स्वामी श्रीआनंदजीवनदासजी, उज्जैन स्वामिनारायण आश्रम से सेंधवा पहुंचे। आयोजक भाईलाल पटेल ने उनका स्वागत एवं अभिनंदन किया। इस अवसर पर स्वामी श्रीआनंदजीवनदासजी ने कहा कि परमात्मा की कृपा से ही मनुष्य को ऐसे पावन अवसर प्राप्त होते हैं, जब अधिक मास में भागवत कथा श्रवण का सौभाग्य मिलता है। उन्होंने कहा कि भागवत कथा जितनी बार सुनी जाए, हर बार नई अनुभूति प्रदान करती है। यदि व्यक्ति भागवत के संदेशों को जीवन में उतार ले तो उसका कल्याण और मोक्ष संभव है। उन्होंने कहा कि भागवत कथा केवल पितरों के मोक्ष के लिए नहीं, बल्कि हर व्यक्ति और पूरे परिवार के लिए श्रवण योग्य है। उन्होंने राजा परीक्षित और कंस के प्रसंग का उल्लेख करते हुए बताया कि दोनों को अपनी मृत्यु का ज्ञान था, लेकिन राजा परीक्षित ने संतों की शरण लेकर भागवत श्रवण किया और मोक्ष प्राप्त किया।

गुरु के बिना ईश्वर तक पहुंचना कठिन, श्रद्धा और विश्वास बनाए रखना जरूरी

कथावाचक स्वामी प्रेमानंदनदास जी ने कहा कि गुरु का महत्व सर्वोपरि है, क्योंकि उनके बिना ईश्वर तक पहुंचना असंभव माना गया है। गुरु अज्ञानता रूपी अंधकार को दूर कर भक्त के हृदय में भक्ति का दीप प्रज्वलित करते हैं। उन्होंने श्रद्धा और विश्वास को जीवन का आधार बताते हुए कहा कि मनुष्य को परिस्थितियों के कारण भगवान के प्रति विश्वास नहीं खोना चाहिए। उन्होंने कहा कि जैसा कर्म मनुष्य करता है, वैसा ही फल प्राप्त करता है, इसलिए जीवन में सदैव सत्कर्म करना चाहिए। साथ ही माता-पिता, भाई-बंधुओं और समाज के साथ प्रेमपूर्वक जीवन जीने का संदेश दिया।

धुंधकारी प्रसंग का वर्णन, रविवार को होगा कृष्ण जन्मोत्सव

कथा के दौरान गोकर्ण और धुंधकारी की कथा का वर्णन करते हुए बताया गया कि श्रीमद्भागवत कथा श्रवण से घोर पापों का भी नाश होता है और भटके हुए जीवों का उद्धार संभव है। इस अवसर पर अभिषेक पाटीदार, मोहन धानोने, मनोज गुप्ता, विशाल कुमरावत, मोहन चौहान, सुरेश जोशी, दीपक जोशी, कमल गुले, कमलेश पालीवाल, गोविंद मंगल, गजेंद्र गुप्ता, हिमांशु यादव, गोवर्धन वर्मा, महेंद्र सोनी, राजेंद्र शर्मा, दामोदर शर्मा, सुनील शर्मा, दिलीप मंगल, मनीष ठाकरे, गोपाल गर्ग, दिलीप पटेल और ओमप्रकाश तायल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। गुजरात, बड़ौदा, आनंद, बड़वानी, शिरपुर, पिसनावल और जोगवाड़ा से भी भक्त कथा श्रवण के लिए पहुंचे। आयोजन समिति के निलेश जैन ने बताया कि रविवार को कृष्ण जन्मोत्सव का आयोजन धूमधाम से किया जाएगा।

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