सेंधवा। वन अधिकार पट्टा वितरण में देरी पर विधायक मोंटू सोलंकी नाराज, कार्यक्रम से रवाना हुए
6,500 से अधिक पट्टे लंबित, आज सिर्फ 24 पट्टों का था वितरण; दूरदराज से आए हितग्राही घंटों करते रहे इंतजार

सेंधवा। जन विश्वास अभियान के तहत आयोजित शिविर में वन अधिकार पट्टा वितरण में देरी और हितग्राहियों को हो रही परेशानी को लेकर सेंधवा विधायक श्री मोंटू सोलंकी नाराज होकर कार्यक्रम से रवाना हो गए। सेंधवा विधानसभा क्षेत्र में 6,500 से अधिक वन अधिकार पट्टे लंबित होने के बावजूद शिविर में केवल 24 पट्टों का वितरण किया जाना था। विधायक ने इस व्यवस्था पर नाराजगी जताई।
विधायक श्री सोलंकी ने कहा कि दूरदराज के गांवों से बड़ी संख्या में बुजुर्ग महिला-पुरुष हितग्राही अपने अधिकार का पट्टा लेने शिविर में पहुंचे थे। नावनी, टपकला सहित अन्य गांवों से आए हितग्राहियों को घंटों इंतजार करना पड़ा। निर्धारित समय दोपहर 1:30 बजे बताया गया था, लेकिन शाम 5 बजे तक सांसद के कार्यक्रम में नहीं पहुंचने से हितग्राहियों की परेशानी और बढ़ गई। देर शाम होने के कारण दूरदराज के हितग्राहियों के सामने वापस गांव पहुंचने की समस्या भी खड़ी हो गई, क्योंकि कई स्थानों तक वाहन की सुविधा नहीं है और उन्हें पैदल जाना पड़ सकता है।

कार्यक्रम के दौरान विधायक श्री सोलंकी ने सेंधवा विधानसभा क्षेत्र की अन्य समस्याएं भी प्रमुखता से उठाईं। उन्होंने माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना से छूटे गांवों को जोड़ने तथा जिन गांवों में पानी पहुंच रहा है, वहां भी सभी हिस्सों तक पानी पहुंचाने की मांग रखी। उन्होंने कहा कि कई गांवों में आधे हिस्से में पानी पहुंच रहा है, जबकि वन अधिकार क्षेत्र में आने वाले हिस्से इससे वंचित हैं।
विधायक ने खुरमाबाद से नावनी, रूलीबड़ से हाथीबुढ़िया तथा चिलारिया से पलासपानी तक सड़क निर्माण, स्कूलों में शिक्षकों की कमी और जर्जर स्कूल भवनों का मुद्दा भी उठाया।

विधायक श्री सोलंकी ने कहा कि वन अधिकार पट्टा आदिवासी परिवारों के अधिकार और सम्मान से जुड़ा विषय है। हजारों पट्टे लंबित हैं, ऐसे में पात्र हितग्राहियों को शीघ्र पट्टे उपलब्ध कराने की आवश्यकता है। कार्यक्रम में हितग्राहियों को अनावश्यक इंतजार न करना पड़े, इसके लिए प्रशासन को समयबद्ध व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए।



