बड़वानी में मादा तेंदुए की मौत, वन विभाग ने घटनास्थल पर की छानबीन
डॉग स्क्वाड के साथ जांच में नहीं मिली फंदा, जाल या जहरखुरानी जैसी अवैध गतिविधि; प्रथम दृष्टया प्राकृतिक मौत की आशंका

जनोदय न्यूज |
29 सितंबर को राजस्व क्षेत्र में श्री जगदीश पिता बद्री निवासी रेहगून के खेत में एक मादा तेंदुए की मृत्यु की घटना सामने आई। यह क्षेत्र बीट सजवानी, सबरेंज सिलावद, वन परिक्षेत्र बड़वानी के अंतर्गत आता है। सूचना मिलने के बाद जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप वन विभाग ने तत्काल घटनास्थल को सुरक्षित किया।
डॉग स्क्वाड से की गई जांच:
30 सितंबर को डॉग स्क्वाड एवं वन विभाग की टीम ने घटनास्थल और उसके आसपास सघन छानबीन की। जांच के दौरान किसी प्रकार की अवैध गतिविधि, फंदा, जाल या जहरखुरानी नहीं पाई गई।

विशेषज्ञ चिकित्सक ने किया पोस्टमार्टम:
मादा तेंदुए का पोस्टमार्टम वन्यजीव विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. महेन्द्र बघेल, वेटनरी असिस्टेंट सर्जन बड़वानी द्वारा किया गया। पोस्टमार्टम के दौरान वन्यजीव मादा तेंदुए के शरीर के सभी अंग सुरक्षित पाए गए।
निर्धारित प्रक्रिया के तहत शवदाह:
निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार मादा तेंदुए के शवदाह एवं भस्मीकरण की कार्रवाई की गई। इस दौरान श्री पी.के. सिंह, वन संरक्षक कार्य आयोजना खंडवा, श्री विजय सिंह मोर्य, उप वनमंडलाधिकारी बड़वानी, श्री सचिन लौवंशी, वन परिक्षेत्र अधिकारी बड़वानी, श्री दीपक मस्कोले, नायब तहसीलदार बड़वानी, श्रीमती शिवानी अलावे, सरपंच ग्राम पंचायत रेहगून सहित वन विभाग का दल मौजूद रहा।
प्रथम दृष्टया प्राकृतिक मौत:
वन विभाग के अनुसार प्रथम दृष्टया मादा तेंदुए की मृत्यु का कारण प्राकृतिक, कमजोरी एवं बीमारी से होना प्रतीत हो रहा है। मामले में अग्रिम कार्रवाई जारी है।



