बड़वानी में शासकीय योजनाओं से बदली जिंदगी की प्रेरक कहानियों और वीडियो का होगा संकलन
सेवा संकल्प अभियान 2026 के तहत आदर्श महाविद्यालय में वीडियो निर्माण एवं प्रेरक कथा लेखन कार्यशाला आयोजित

जनोदय न्यूज |
शासकीय आदर्श महाविद्यालय, बड़वानी में स्वामी विवेकानंद करियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ के तत्वावधान में सेवा संकल्प अभियान 2026 के अंतर्गत प्रेरक कथा लेखन एवं वीडियो निर्माण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला का उद्देश्य शासकीय कल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित परिवारों एवं विद्यार्थियों के जीवन में आए सकारात्मक बदलावों को प्रेरक कहानियों और वीडियो के माध्यम से समाज के सामने प्रस्तुत करना रहा।
विद्यार्थियों को योजनाओं के प्रभाव की जानकारी:
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रमोद पंडित ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि शासन विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से शिक्षा, आर्थिक सहायता, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा के अवसर उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने परिवार अथवा आसपास के ऐसे लोगों के वास्तविक अनुभवों को पहचानकर उन्हें प्रेरक कहानी के रूप में प्रस्तुत करने का आह्वान किया।

प्रेरक कहानी लेखन का प्रशिक्षण:
कार्यशाला में डॉ. अंतिमबाला जायसवाल ने विद्यार्थियों को प्रेरक कहानियों के संकलन एवं लेखन का प्रशिक्षण दिया। उन्होंने बताया कि प्रेरक कहानी में वास्तविक अनुभव, समस्या, योजना से प्राप्त सहायता और उसके परिणामों का क्रमबद्ध एवं प्रभावशाली वर्णन होना चाहिए। विद्यार्थियों को लाभार्थियों से संवाद कर उनके अनुभवों को प्रामाणिक रूप से प्रस्तुत करने के लिए प्रेरित किया गया।
वीडियो निर्माण की दी जानकारी:
प्रो. राजाराम मुवेल ने विद्यार्थियों को मोबाइल फोन के माध्यम से वीडियो निर्माण की व्यावहारिक जानकारी दी। उन्होंने उचित दृश्य चयन, स्पष्ट आवाज, प्रभावी संवाद और वीडियो को आकर्षक बनाने से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव दिए। विद्यार्थियों को कम संसाधनों में प्रभावशाली एवं संदेशपरक वीडियो तैयार करने के तरीके भी बताए गए।
लाभार्थियों के अनुभव संकलित करने का आह्वान:
कार्यक्रम का संयोजन स्वामी विवेकानंद करियर मार्गदर्शन प्रकोष्ठ के जिला नोडल अधिकारी डॉ. अनिल पाटीदार ने किया। उन्होंने विद्यार्थियों से शासकीय योजनाओं के लाभार्थियों से संपर्क कर उनके अनुभवों का संकलन करने तथा प्रेरक कहानियां एवं वीडियो तैयार कर महाविद्यालय में जमा करने का आह्वान किया।
रचनात्मक एवं डिजिटल कौशल का विकास:
कार्यशाला के माध्यम से विद्यार्थियों में शासकीय योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ लेखन, रचनात्मकता और डिजिटल कौशल विकसित करने पर भी जोर दिया गया। कार्यक्रम के अंत में भौतिक विभाग के डॉ. लखन परमार ने आभार व्यक्त किया।



