सेंधवा में किसानों के खेतों से मोटर चोरी करने वाली गैंग बेनकाब, दो आरोपी गिरफ्तार, तीन मोटरें बरामद
चौकी चाचरिया और थाना सेंधवा ग्रामीण पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में किसानों के खेतों से सिंचाई मोटर चोरी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी गई तीनों विद्युत मोटरें बरामद कर ली गईं।

जनोदय पंच। सेंधवा ग्रामीण पुलिस और चौकी चाचरिया पुलिस ने किसानों के खेतों से विद्युत मोटरें चोरी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर तीन विद्युत मोटरें बरामद की हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 40 हजार रुपये बताई गई है।
किसानों की शिकायत पर शुरू हुई जांच
क्षेत्र के किसानों के खेतों से सिंचाई मोटर चोरी करने वाले बदमाशों के खिलाफ बड़वानी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस अधीक्षक पद्मविलोचन शुक्ल के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धीरज बब्बर तथा अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) अजय वाघमारे के मार्गदर्शन में थाना सेंधवा ग्रामीण और चौकी चाचरिया पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। 13 जून 2026 को फरियादी रूमसिंग पिता दगन निवासी ग्राम पिपल्याडेब ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसने, बना पिता सुबान तथा तारसिंग के साथ तालाब के पास स्थित खेतों में सिंचाई के लिए विद्युत मोटरें लगाई थीं, जिन्हें 7 जून 2026 की रात अज्ञात बदमाश चोरी कर ले गए थे।
पूछताछ में कबूला जुर्म, तीनों मोटरें बरामद
फरियादी की शिकायत पर थाना सेंधवा ग्रामीण में अपराध क्रमांक 381/2026, धारा 303(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया। थाना प्रभारी सेंधवा ग्रामीण निरीक्षक ओपी चंगोडे के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने मुखबिर तंत्र सक्रिय किया। सूचना के आधार पर ग्राम पिपल्याडेब निवासी कैलाश पिता सुरपाल अखाड़े तथा मड़िया पिता लालसिंग तरोले को हिरासत में लिया गया। प्रारंभिक पूछताछ में दोनों आरोपी पुलिस को गुमराह करते रहे, लेकिन मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ करने पर उन्होंने चोरी की वारदात स्वीकार कर ली। आरोपियों की निशानदेही पर ग्राम पिपल्याडेब से चोरी की गई तीनों चालू विद्युत मोटरें बरामद कर ली गईं।
पुलिस टीम की रही अहम भूमिका
बरामद मोटरों की अनुमानित कीमत लगभग 40 हजार रुपये बताई गई है। कार्रवाई में चौकी प्रभारी चाचरिया सहायक उप निरीक्षक केशव यादव, प्रधान आरक्षक सुनील महाजन, प्रधान आरक्षक बबलू तलवारे, प्रधान आरक्षक रामकिशोर प्रजापति, आरक्षक सचिन बुंदेला, आरक्षक संतोष डावर, आरक्षक लोकेश मंडलोई, आरक्षक पंकज पुरोहित और आरक्षक लालसिंग नार्वे की महत्वपूर्ण भूमिका रही।



