सेंधवा के 50 विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान का किया शैक्षणिक भ्रमण
विद्यार्थियों ने सोया उत्पाद निर्माण, आधुनिक कृषि तकनीक, अनुसंधान और स्टार्टअप के अवसरों की ली जानकारी

जनोदय न्यूज |
मंगलवार, 29 सितंबर को वीर बलिदानी खाज्या नायक शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय सेंधवा के लगभग 50 विद्यार्थियों का दल इंदौर स्थित आईसीएआर-राष्ट्रीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान पहुंचा। यह एकदिवसीय शैक्षणिक भ्रमण पीएम उषा परियोजना कम्पोनेंट-3 के अंतर्गत महाविद्यालय द्वारा कार्यालय सेड़मेप जिला बड़वानी के माध्यम से आयोजित किया गया।

सोयाबीन अनुसंधान की जानकारी:
संस्थान के प्रोजेक्ट साइंटिस्ट डॉ. अभिषेक भारती ने विद्यार्थियों को सोयाबीन की उन्नत किस्मों, उत्पादन तकनीक, रोग प्रबंधन, टिकाऊ कृषि तकनीकों और संस्थान में चल रहे अनुसंधान कार्यों की जानकारी दी।
सोया उत्पाद बनाने की प्रक्रिया समझी:
सोयाबीन एवं खाद्य प्रसंस्करण आधारित इनक्यूबेशन सेंटर में विद्यार्थियों ने सोयाबीन का दूध, पनीर, टोफू, कुकीज और नमकीन सहित विभिन्न उत्पाद बनाने की प्रक्रियाओं को समझा। डॉ. अभिषेक भारती ने अनुसंधान में उपयोग होने वाले विभिन्न उपकरणों की कार्यप्रणाली के बारे में भी जानकारी दी।
स्टार्टअप और उद्यमिता के अवसर:
विद्यार्थियों को बताया गया कि संस्थान से प्रशिक्षण प्राप्त कर वे सोया उत्पादों एवं खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में अपना स्टार्टअप शुरू कर स्वयं उद्यमी बन सकते हैं। इस दौरान स्टार्टअप शुरू करने के लिए शासन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी दी गई।
उन्नत सोयाबीन किस्मों और नई तकनीकों की जानकारी:
प्रिंसिपल साइंटिस्ट डॉ. मिलिंद रत्नपारखे ने संस्थान के फील्ड में तैयार की गई सोयाबीन की विभिन्न उन्नत किस्मों के बारे में बताया। उन्होंने अलग-अलग किस्मों में रोग प्रबंधन और अधिकतम उत्पादन प्राप्त करने की तकनीकों की जानकारी दी। विद्यार्थियों को जेनेटिकली मॉडिफाइड फसलों में जीएम तकनीक, जीन एडिटिंग जैसी नवीन तकनीकों और उनसे जुड़ी वर्तमान चुनौतियों से भी अवगत कराया गया।
आधुनिक कृषि उपकरणों की जानकारी:
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को फसलों में उपयोग किए जाने वाले विभिन्न आधुनिक कृषि उपकरणों की कार्यप्रणाली एवं उपयोग के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई।
महाविद्यालय एवं सेड़मेप के प्रतिनिधि रहे मौजूद:
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों के साथ सेड़मेप के जिला समन्वयक अरविंद चौहान, पीएम उषा प्रभारी डॉ. दिनेश कनाड़े, प्रो. दीपक मरमट, प्रो. रेखा पंवार एवं प्रो. आयुश्री अलावे मौजूद रहे।



