खातेगांव TI दिलीप पुरी की मौत के बाद SIT गठित, तीन शराब दुकानों के लाइसेंस रद्द, आबकारी अधिकारी और आरक्षक निलंबित
अवैध शराब के ट्रक ने TI को कुचला, शराब माफिया गिरफ्तार

देवास जिले के खातेगांव में अवैध शराब तस्करी रोकने पहुंचे थाना प्रभारी दिलीप पुरी की ट्रक से कुचलकर मौत हो गई। रविवार रात हुई इस घटना के बाद पुलिस ने शराब माफिया केरम सिंह को आलीराजपुर जिले के बेहड़वा से गिरफ्तार किया है। वहीं, फरार ट्रक ड्राइवर की तलाश में मध्य प्रदेश के आलीराजपुर, झाबुआ और गुजरात में पुलिस टीमें जुटी हैं।
पुलिस के मुताबिक, दिलीप पुरी ने ट्रक चालक को बाहर आने के लिए कहा था, लेकिन चालक ट्रक को डिवाइडर पर चढ़ाकर आगे बढ़ गया। इस दौरान ट्रक का पिछला पहिया उनके ऊपर चढ़ गया। अस्पताल में करीब दो घंटे तक CPR और उपचार के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने परिवार को एक करोड़ रुपये की सहायता और पत्नी को अनुकंपा पर एसआई पद देने की घोषणा की है।
देवास एसपी आदित्य मिश्रा ने घटना की जांच के लिए एसआईटी गठित की है। पुलिस के अनुसार, ट्रक में केरम सिंह की शराब रखी हुई थी। आबकारी उपनिरीक्षक पूजा गेहलोत ने बताया कि ट्रक के कंपार्टमेंट में शराब भरी थी। इसकी मात्रा और स्रोत की जांच की जा रही है।
हरदा जिला आबकारी अधिकारी सुनील भोजने ने बताया कि भारतेन्द्र जायसवाल से जुड़ी तीन शराब दुकानों के लाइसेंस रद्द किए गए हैं। सहायक जिला आबकारी अधिकारी अमरसिंह बघेल और आरक्षक अरुण कुम्बरे तथा कृष्णपाल सिंह डोडिया को निलंबित किया गया है। टिमरनी की शराब दुकान को भी सील किया गया है।
इस मामले में कांग्रेस नेता राहुल जायसवाल ने शराब कारोबार से अपना संबंध होने से इनकार किया है। उन्होंने बताया कि दुकान उनके रिश्तेदार पाटन जायसवाल की है और वहां भूपेंद्र सिंह राणा मैनेजर हैं। जोबट एसडीओपी आशुतोष पटेल ने बताया कि खातेगांव पुलिस की तीन टीमें ट्रक चालक की तलाश में जुटी हैं।
उधर, पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने घटना पर सरकार को घेरा है। दोनों नेताओं ने पुलिसकर्मियों की सुरक्षा और प्रदेश की कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं। जीतू पटवारी ने शराब तस्करी नेटवर्क की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है।



