सेंधवा कॉलेज में एनएसएस दिवस पर युवाओं को नशे से दूर रहने का संदेश
राष्ट्रीय सेवा योजना दिवस पर विद्यार्थियों को राष्ट्रसेवा और सर्वांगीण विकास से जुड़ने के लिए किया प्रेरित, नशामुक्ति की दिलाई शपथ

जनोदय पंच। सेंधवा के वीर बलिदानी खाज्या नायक शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना दिवस हर्षोल्लास से मनाया गया। कार्यक्रम में युवाओं की राष्ट्रसेवा में भूमिका, एनएसएस के महत्व और नशे के दुष्प्रभावों पर चर्चा की गई। विद्यार्थियों को नशामुक्ति की शपथ भी दिलाई गई।
युवाओं की भागीदारी से बदलाव संभव
कार्यक्रम में डॉ. राहुल सूर्यवंशी ने कहा कि 24 सितंबर 1969 को एनएसएस की स्थापना की गई थी। शुरुआत में इसे दो विश्वविद्यालयों में प्रयोग के तौर पर शुरू किया गया था, जिसे आज उच्च शिक्षा एवं स्कूली शिक्षा में पल्लवित होते हुए देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि युवाओं के सहयोग के बिना हर बदलाव अधूरा है, क्योंकि एनएसएस में राष्ट्र को सर्वोपरि माना जाता है। उन्होंने एनएसएस की कविता के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया।

नशे के दुष्प्रभाव बताए
प्रो. नितिन डावर ने नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प के संबंध में विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी दी और इनसे दूर रहने की अपील की। उन्होंने विशेष रूप से डिजिटल नशे के बारे में विद्यार्थियों को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि वर्तमान का युवा सोशल मीडिया की दुनिया में खोया हुआ है।

एनएसएस से सर्वांगीण विकास का मंच
एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी प्रो. निलेश ठाकुर ने कहा कि युवाओं को एनएसएस में बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए। उन्होंने बताया कि एनएसएस ऐसा मंच उपलब्ध कराता है, जिससे पढ़ाई के साथ जीवन का सर्वांगीण विकास किया जा सकता है। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को नशा न करने की शपथ दिलाई गई।
स्टाफ और विद्यार्थी रहे मौजूद
कार्यक्रम में प्राचार्य डॉ. जीएस वास्कले सहित महाविद्यालय का स्टाफ एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। इस दौरान प्रकाश सोलंकी, अर्जुन डूडवे, किरमा सोलंकी सहित अन्य विद्यार्थी भी मौजूद थे।
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