सेंधवा में सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर यूनिटी रन और भाषण प्रतियोगिता आयोजित, विद्यार्थियों ने दिया राष्ट्रीय एकता का संदेश
राष्ट्रीय एकता दिवस पर एनसीसी कैडेट्स ने निकाली दौड़, भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ की प्रतियोगिता में दीपशिखा बाविस्कर रहीं प्रथम

जनोदय पंच। सेंधवा के वीर बलिदानी खाज्या नायक शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। राष्ट्रीय एकता दिवस पर एनसीसी कैडेट्स ने यूनिटी रन निकाली, वहीं भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ ने भाषण प्रतियोगिता आयोजित कर विद्यार्थियों को राष्ट्रीय एकता और अखंडता का संदेश दिया।
राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर 31 अक्टूबर 2026 को एनसीसी के तत्वावधान में 9 एमपी बटालियन एनसीसी इंदौर द्वारा कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों एवं आम नागरिकों में राष्ट्रीय एकता, अखंडता, शांति और आपसी भाईचारे की भावना को मजबूत करना था। इस वर्ष की थीम ‘यूनिटी मार्च – विकास भी, विरासत भी’ के अनुरूप विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं।
कार्यक्रम के अंतर्गत एनसीसी कैडेट्स ने यूनिटी रन निकाली। यह दौड़ महाविद्यालय परिसर से प्रारंभ होकर गुरुद्वारा चौक तथा शहर के अन्य प्रमुख चौराहों से होते हुए संपन्न हुई। कैडेट्स ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए देश की एकता और अखंडता का संदेश दिया। इस दौरान विभिन्न प्रेरणादायक नारों के माध्यम से नागरिकों को राष्ट्रीय एकता के प्रति जागरूक किया गया।
कैडेट्स ने ली राष्ट्रीय एकता की शपथ
इस अवसर पर एनसीसी कैडेट नीलेश चव्हाण ने सभी कैडेट्स को राष्ट्रीय एकता की शपथ दिलाई। सभी ने देश की एकता, अखंडता, शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने के लिए सदैव समर्पित रहने तथा सामाजिक सद्भाव को मजबूत करने में योगदान देने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम के दौरान कैडेट्स ने ‘अनेकता में एकता, भारत की विशेषता’, ‘सरदार पटेल का था यही सपना, एक रहे भारत अपना’ तथा ‘हम सबका एक ही सपना, एकता से है भारत अपना’ जैसे नारों का उद्घोष किया। इनके माध्यम से बताया गया कि भारत की वास्तविक शक्ति विविधता में एकता और आपसी सहयोग में निहित है। कार्यक्रम का संचालन एनसीसी अधिकारी लेफ्टिनेंट प्रोफेसर संजय चौहान के मार्गदर्शन में हुआ।
भाषण प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने रखे विचार
भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ द्वारा सरदार वल्लभभाई पटेल के व्यक्तित्व पर भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गई। इसमें विद्यार्थियों ने अपने विचार रखते हुए कहा कि हमें आजादी जरूर मिली है, लेकिन आजादी को सहेजना आज भी चुनौतीपूर्ण है।
डॉ. राहुल सूर्यवंशी ने सरदार पटेल के जीवन से जुड़े कई प्रसंग सुनाए, जो उनकी कर्तव्यनिष्ठा और पराक्रम को अभिव्यक्त करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से ‘दी स्टोरी ऑफ द इंटीग्रेशन ऑफ द इंडियन स्टेट्स’ और ‘स्पीचेस ऑफ सरदार पटेल’ पुस्तकें पढ़ने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल की मंशा थी कि देश का युवा जाने कि रियासतों के विलय के दौरान किस तरह की राजनीतिक, प्रशासनिक और सैन्य चुनौतियां आईं तथा ऐसी परिस्थितियों में उन्होंने किस तरह के कड़े फैसले लिए।
सरदार पटेल की भाईचारे की नीति अपनाना ही सच्ची श्रद्धांजलि
डॉ. संगीता परमार ने कहा कि भारत के मानचित्र के निर्माण में सरदार पटेल का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल की भाईचारे की नीति अपनाना ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
डॉ. मनोज तारे ने भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से महापुरुषों के कार्यों को याद करने और उनसे सीखने का अवसर मिलता है। इसलिए विद्यार्थियों को ऐसे कार्यक्रमों में जरूर हिस्सा लेना चाहिए।
कार्यक्रम का संचालन करते हुए राष्ट्रीय सेवा योजना के सक्रिय स्वयंसेवक प्रकाश सोलंकी ने कहा कि देश की शक्ति एकता और अखंडता में निहित है। आभार प्रोफेसर लेफ्टिनेंट संजय चौहान ने माना।

प्रतियोगिता में दीपशिखा बाविस्कर प्रथम
भाषण प्रतियोगिता में दीपशिखा बाविस्कर ने प्रथम, जागीराम कटोले ने द्वितीय तथा तानसेन जमरे और अनामिका बहरे ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। कार्यक्रम में डॉ. संतोषी अलावा, डॉ. यशोदा चौहान, डॉ. संतरा चौहान, प्रोफेसर भेरुसिंह जमरे सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे। यह जानकारी भारतीय ज्ञान परंपरा प्रकोष्ठ के प्रभारी डॉ. महेश बाविस्कर ने दी।



